एकादशी व्रत

इंदिरा एकादशी 2027: तिथि, पारण का समय और व्रत कथा

इंदिरा एकादशी 2027 नई दिल्ली में रविवार, 26 सितंबर को है (स्मार्त नियम)। नई दिल्ली में व्रत सोमवार, 27 सितंबर को सुबह 6:11 से 8:35 के बीच खोलें। अमेरिका (वॉशिंगटन डीसी) में भी यह रविवार, 26 सितंबर को ही है (स्मार्त नियम)।

सोमवार, 27 सितंबर को सुबह 6:11 से सुबह 8:35 के बीच व्रत खोलें।

  • व्रत

    रविवार, 26 सितंबर 2027

    नई दिल्ली। स्मार्त और वैष्णव, दोनों नियमों में यही दिन।

  • व्रत खोलें

    सोमवार, 27 सितंबर 2027, सुबह 6:11–सुबह 8:35

    स्मार्त नियम।

अमेरिका (वॉशिंगटन डीसी) में भी व्रत रविवार, 26 सितंबर को ही है (स्मार्त नियम)।

वैष्णव पारण: सोमवार, 27 सितंबर, सुबह 6:11–10:11।

यह समय क्यों

सूर्योदय के बाद, प्रातःकाल (दिन के पाँच भागों में पहला) के भीतर व्रत खोलें।

स्मार्त नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो, उस दिन व्रत रखें (सूर्योदय के समय दशमी हो तो वह दिन छोड़ दिया जाता है)।

व्रत का दिन

नई दिल्ली में आज का दिन

कृष्ण एकादशी शाम 7:49 तक, फिर द्वादशी

  • सूर्योदय: सुबह 6:11
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 तक
  • राहु काल: शाम 4:43 से 6:13 तक
  • सूर्यास्त: शाम 6:13
  • प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद): शाम 6:13 से रात 8:37 तक
  • एकादशी समाप्त: शाम 7:49, फिर द्वादशी
  • अगला सूर्योदय: सुबह 6:11, अगले दिन
  • नक्षत्र: पुष्य दोपहर 12:38 तक
  • नक्षत्र: आश्लेषा 27 सितंबर, सुबह 10:34 तक

कल, सोमवार, 27 सितंबर: व्रत खोलें

सूर्योदय सुबह 6:11सूर्यास्त शाम 6:12
व्रत खोलें सुबह 6:11–सुबह 8:35 (स्मार्त नियम)

सूर्योदय के बाद, प्रातःकाल (दिन के पाँच भागों में पहला) के भीतर व्रत खोलें।

इंदिरा एकादशी नई दिल्ली में रविवार, 26 सितंबर 2027 को है (स्मार्त नियम)। नई दिल्ली में व्रत सोमवार, 27 सितंबर 2027 को सुबह 6:11 – सुबह 8:35 के बीच खोलें। अमेरिका (वॉशिंगटन डीसी) में भी यह रविवार, 26 सितंबर 2027 को ही है (स्मार्त नियम)।

इस पृष्ठ के शब्द

पक्ष: शुक्ल और कृष्ण
चंद्र मास का आधा भाग। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है, कृष्ण पक्ष में घटता है।
स्मार्त नियम और वैष्णव नियम
पर्व या व्रत का दिन तय करने के दो परंपराओं के नियम। ये अलग दिन दें, तो हमारे पृष्ठ दोनों दिन दिखाते हैं और नियम का नाम देते हैं।
पारण
व्रत को उसके नियम के बताए समय में खोलना। एकादशी का पारण: अगले दिन, सूर्योदय और हरि वासर के बाद, द्वादशी समाप्त होने से पहले।
हरि वासर
द्वादशी तिथि का पहला चौथाई भाग। एकादशी का पारण इसमें नहीं होता।
अरुणोदय
सूर्योदय से पहले की भोर। वैष्णव एकादशी के नियम में सूर्योदय से पहले के 96 मिनट (चार घटी)।

पंचांग के सभी शब्द

अमांत पंचांग में भाद्रपद कृष्ण; पूर्णिमांत पंचांग में आश्विन कृष्ण

इंदिरा आश्विन (अमांत पंचांग में भाद्रपद) कृष्ण पक्ष की एकादशी है। यह पितृ पक्ष, यानी पितरों के पखवाड़े, में आती है, और इसकी कथा एक पुत्र की है जो अपने पिता के लिए व्रत रखता है।

पूजादीप के लिए लिखा गया, और नीचे दिए गए स्रोतों से मिलाया गया। स्रोत देखें

कब पड़ती है

नई दिल्ली के लिए अगली: रविवार, 26 सितंबर 2027। पारण: सोमवार, 27 सितंबर 2027, सुबह 6:11 – सुबह 8:35। अन्य शहरों में अंतर हो सकता है। 2027 की हर एकादशी शहर के अनुसार।

कथा

सत्ययुग में राजा इंद्रसेन माहिष्मती नगर पर राज करते थे। वे विष्णु के भक्त थे और अपने दिन गोविंद के नाम जपते हुए बिताते थे। एक दिन नारद मुनि आकाश से उतरकर उनकी सभा में आए। राजा ने आदर से उनका स्वागत किया और आने का कारण पूछा।

नारद ने कहा कि वे ब्रह्मलोक से यमलोक होते हुए आए हैं। वहाँ, यमराज की सभा में, उन्होंने राजा के पिता को देखा। पिता ने अपने जीवन में बहुत अच्छे काम किए थे, पर एक बार एक व्रत भंग हो गया था, इसलिए वे वहाँ प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अपने पुत्र के लिए संदेश भेजा था: "इंदिरा एकादशी रखो और उसका पुण्य मुझे दो, ताकि मैं स्वर्ग जा सकूँ।"

राजा ने उसकी विधि पूछी, और नारद ने बताई। एक दिन पहले सुबह और दोपहर में स्नान करें, एक बार भोजन करें, और भूमि पर सोएँ। एकादशी को उपवास रखें, और दोपहर में शालग्राम के सामने पितरों का श्राद्ध करें; अर्पित भोजन गाय को दें; विष्णु की पूजा करें, और रात में जागें। अगले दिन पूजा करें, ब्राह्मणों को भोजन कराएँ, और फिर परिवार के साथ मौन रहकर भोजन करें।

इंद्रसेन ने अपने पूरे परिवार के साथ ठीक वैसे ही व्रत रखा जैसा नारद ने कहा था। आकाश से फूल बरसे, और उनके पिता गरुड़ पर बैठकर विष्णु के धाम गए। समय आने पर इंद्रसेन ने अपना राज्य अपने पुत्र को दिया और स्वयं स्वर्ग गए।

व्रत अपनी इच्छा से रखा जाता है। गर्भवती, बच्चे को दूध पिलाने वाली स्त्रियाँ, मधुमेह वाले, बीमार, बुज़ुर्ग या नियमित दवा लेने वाले लोग व्रत रखने से पहले डॉक्टर से बात करें।

कथा कहाँ से आई

स्रोत

परिवारों के प्रश्न

एकादशी का व्रत कब खोलें?

व्रत खोलने को पारण कहते हैं। नई दिल्ली में इंदिरा एकादशी का पारण: सोमवार, 27 सितंबर 2027, सुबह 6:11 – सुबह 8:35। सूर्योदय के बाद, प्रातःकाल (दिन के पाँच भागों में पहला) के भीतर व्रत खोलें।

स्मार्त और वैष्णव तिथियाँ अलग क्यों हो सकती हैं?

हर परंपरा का अपना नियम है। स्मार्त नियम: जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो, उस दिन व्रत रखें (सूर्योदय के समय दशमी हो तो वह दिन छोड़ दिया जाता है)। वैष्णव नियम (गौड़ीय): अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) से सूर्योदय तक एकादशी रहती है। हम तिथियाँ कैसे निकालते हैं

और एकादशियाँ

स्रोत और लाइसेंस

हमारी व्याख्या
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जाँच
दिए गए स्रोतों से मिलाया गया, 14 अक्टूबर 2026।
अद्यतन
27 अक्टूबर 2026

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