एकादशी व्रत

पौष पुत्रदा एकादशी 2027: तिथि, पारण का समय और व्रत कथा

पौष पुत्रदा एकादशी 2027 नई दिल्ली में सोमवार, 18 जनवरी को है (स्मार्त नियम)। वैष्णव नियम से नई दिल्ली में यह मंगलवार, 19 जनवरी को है। नई दिल्ली में व्रत मंगलवार, 19 जनवरी को दोपहर 1:35 से 3:42 के बीच खोलें (स्मार्त नियम)। अमेरिका (वॉशिंगटन डीसी) में भी यह सोमवार, 18 जनवरी को ही है (स्मार्त नियम)।

मंगलवार, 19 जनवरी को दोपहर 1:35 से दोपहर 3:42 के बीच व्रत खोलें (स्मार्त नियम)।

  • व्रत

    सोमवार, 18 जनवरी 2027

    नई दिल्ली। स्मार्त नियम।

  • व्रत खोलें

    मंगलवार, 19 जनवरी 2027, दोपहर 1:35–दोपहर 3:42

    स्मार्त नियम।

  • वैष्णव नियम

    मंगलवार, 19 जनवरी 2027

    वैष्णव नियम से व्रत। बुधवार, 20 जनवरी, सुबह 7:14 – सुबह 10:46 व्रत खोलें।

अमेरिका (वॉशिंगटन डीसी) में भी व्रत सोमवार, 18 जनवरी को ही है (स्मार्त नियम)।

वैष्णव पारण: बुधवार, 20 जनवरी, सुबह 7:14–10:46।

यह समय क्यों

हरि वासर प्रातःकाल के बाद समाप्त होता है; मध्याह्न में पारण नहीं किया जाता, इसलिए मध्याह्न के बाद, अपराह्न (दिन के पाँच भागों में चौथा) के भीतर, उसके अंत से पहले व्रत खोलें।

स्मार्त नियम: अगले सूर्योदय के बाद द्वादशी नहीं रहती, इसलिए गृहस्थ उसी दिन व्रत रखते हैं जिस दिन एकादशी आरंभ होती है, भले ही उस दिन सूर्योदय के समय दशमी हो (पद्म पुराण, स्कंद पुराण; धर्मसिंधु)। अगला दिन संन्यासियों और मोक्ष चाहने वालों के लिए है।

व्रत का दिन

नई दिल्ली में आज का दिन

शुक्ल दशमी सुबह 10:27 तक, फिर एकादशी

  • सूर्योदय: सुबह 7:14
  • राहु काल: सुबह 8:33 से 9:53 तक
  • दशमी समाप्त: सुबह 10:27, फिर एकादशी
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:52 तक
  • सूर्यास्त: शाम 5:48
  • प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद): शाम 5:48 से रात 8:29 तक
  • अगला सूर्योदय: सुबह 7:14, अगले दिन
  • नक्षत्र: कृत्तिका रात 9:06 तक
  • नक्षत्र: रोहिणी 19 जनवरी, शाम 6:54 तक

कल, मंगलवार, 19 जनवरी: व्रत खोलें

सूर्योदय सुबह 7:14सूर्यास्त शाम 5:49
व्रत खोलें दोपहर 1:35–दोपहर 3:42 (स्मार्त नियम)

हरि वासर प्रातःकाल के बाद समाप्त होता है; मध्याह्न में पारण नहीं किया जाता, इसलिए मध्याह्न के बाद, अपराह्न (दिन के पाँच भागों में चौथा) के भीतर, उसके अंत से पहले व्रत खोलें।

पौष पुत्रदा एकादशी नई दिल्ली में सोमवार, 18 जनवरी 2027 को है (स्मार्त नियम)। वैष्णव नियम से मंगलवार, 19 जनवरी 2027। नई दिल्ली में व्रत मंगलवार, 19 जनवरी 2027 को दोपहर 1:35 – दोपहर 3:42 के बीच खोलें। अमेरिका (वॉशिंगटन डीसी) में भी यह सोमवार, 18 जनवरी 2027 को ही है (स्मार्त नियम)।

इस पृष्ठ के शब्द

पक्ष: शुक्ल और कृष्ण
चंद्र मास का आधा भाग। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है, कृष्ण पक्ष में घटता है।
स्मार्त नियम और वैष्णव नियम
पर्व या व्रत का दिन तय करने के दो परंपराओं के नियम। ये अलग दिन दें, तो हमारे पृष्ठ दोनों दिन दिखाते हैं और नियम का नाम देते हैं।
पारण
व्रत को उसके नियम के बताए समय में खोलना। एकादशी का पारण: अगले दिन, सूर्योदय और हरि वासर के बाद, द्वादशी समाप्त होने से पहले।
हरि वासर
द्वादशी तिथि का पहला चौथाई भाग। एकादशी का पारण इसमें नहीं होता।
अरुणोदय
सूर्योदय से पहले की भोर। वैष्णव एकादशी के नियम में सूर्योदय से पहले के 96 मिनट (चार घटी)।

पंचांग के सभी शब्द

पौष शुक्ल (अमांत और पूर्णिमांत दोनों पंचांगों में यही मास)

पुत्रदा का अर्थ है "संतान देने वाली"। दो पुत्रदा एकादशियाँ हैं, एक पौष में और एक श्रावण में; यह पौष शुक्ल पक्ष की है। दक्षिण भारत में इस ऋतु की एकादशी वैकुंठ एकादशी के रूप में भी मनाई जाती है, जिसकी अपनी मार्गदर्शिका है।

पूजादीप के लिए लिखा गया, और नीचे दिए गए स्रोतों से मिलाया गया। स्रोत देखें

कब पड़ती है

नई दिल्ली के लिए अगली: सोमवार, 18 जनवरी 2027 (वैष्णव: मंगलवार, 19 जनवरी 2027)। पारण: मंगलवार, 19 जनवरी 2027, दोपहर 1:35 – दोपहर 3:42। अन्य शहरों में अंतर हो सकता है। 2027 की हर एकादशी शहर के अनुसार।

कथा

राजा सुकेतुमान अपनी रानी चंपका के साथ भद्रावती नगर पर राज करता था। उनके पास संतान के सिवा सब कुछ था, और राजा दुखी रहता था कि उसके बाद परिवार और उसके पितरों की देखभाल कौन करेगा। एक दिन इन्हीं विचारों में खोया वह अकेला घोड़े पर एक घने वन में चला गया।

दोपहर को, थका और प्यासा, वह एक सुंदर सरोवर पर पहुँचा। उसके चारों ओर मुनि बैठे वेद-पाठ कर रहे थे। राजा ने प्रणाम करके पूछा कि वे कौन हैं। उन्होंने कहा कि वे विश्वेदेव हैं, जो स्नान करने आए हैं, क्योंकि माघ मास केवल पाँच दिन दूर है। उन्होंने कहा, "आज पुत्रदा एकादशी है। जो इसे रखते हैं उन्हें यह संतान देती है।"

राजा ने उनसे आशीर्वाद माँगा, और उनके कहने पर उसी दिन व्रत रखा, और मुनियों के बताए अनुसार अगले दिन पारण किया। वह घर लौटा, और समय आने पर रानी ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसने पिता को प्रसन्न किया और बड़ा होकर प्रजा का पालन किया। ग्रंथ कहता है कि यह व्रत संतान देता है; यह ग्रंथ का अपना कथन है, जिसे यहाँ उसके कथन के रूप में दिया गया है।

वैकुंठ एकादशी: परिवार यह दिन कैसे मनाते हैं

व्रत अपनी इच्छा से रखा जाता है। गर्भवती, बच्चे को दूध पिलाने वाली स्त्रियाँ, मधुमेह वाले, बीमार, बुज़ुर्ग या नियमित दवा लेने वाले लोग व्रत रखने से पहले डॉक्टर से बात करें।

कथा कहाँ से आई

स्रोत

परिवारों के प्रश्न

एकादशी का व्रत कब खोलें?

व्रत खोलने को पारण कहते हैं। नई दिल्ली में पौष पुत्रदा एकादशी का पारण: मंगलवार, 19 जनवरी 2027, दोपहर 1:35 – दोपहर 3:42। हरि वासर प्रातःकाल के बाद समाप्त होता है; मध्याह्न में पारण नहीं किया जाता, इसलिए मध्याह्न के बाद, अपराह्न (दिन के पाँच भागों में चौथा) के भीतर, उसके अंत से पहले व्रत खोलें।

स्मार्त और वैष्णव तिथियाँ अलग क्यों हो सकती हैं?

हर परंपरा का अपना नियम है। स्मार्त नियम: अगले सूर्योदय के बाद द्वादशी नहीं रहती, इसलिए गृहस्थ उसी दिन व्रत रखते हैं जिस दिन एकादशी आरंभ होती है, भले ही उस दिन सूर्योदय के समय दशमी हो (पद्म पुराण, स्कंद पुराण; धर्मसिंधु)। अगला दिन संन्यासियों और मोक्ष चाहने वालों के लिए है। वैष्णव नियम (गौड़ीय): त्रिस्पृशा महाद्वादशी; व्रत इसी एकादशी के दिन रखा जाता है। हम तिथियाँ कैसे निकालते हैं

और एकादशियाँ

स्रोत और लाइसेंस

हमारी व्याख्या
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जाँच
दिए गए स्रोतों से मिलाया गया, 14 अक्टूबर 2026।
अद्यतन
15 अक्टूबर 2026

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