लेस्टर। शहर बदलें

आज का पंचांग: सोमवार, 2 नवंबर, लेस्टर

कार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमांत), विक्रम संवत 2083 (गुजराती कार्तिकादि: 2082)

कृष्ण अष्टमी सुबह 7:41 तक। सूर्योदय सुबह 7:02, सूर्यास्त शाम 4:32। राहु काल सुबह 8:14–9:25।

सूर्योदय सुबह 7:01, सूर्यास्त शाम 4:34। राहु काल दोपहर 3:22–शाम 4:34। पूरा दिन

लेस्टर में आज का दिन

कृष्ण सप्तमी सुबह 9:22 तक, फिर अष्टमी

  • सूर्योदय: सुबह 7:01
  • सप्तमी समाप्त: सुबह 9:22, फिर अष्टमी
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:28 से दोपहर 12:06 तक
  • राहु काल: दोपहर 3:22 से शाम 4:34 तक
  • सूर्यास्त: शाम 4:34
  • प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद): शाम 4:34 से 7:28 तक
  • अगला सूर्योदय: सुबह 7:02, अगले दिन
  • नक्षत्र: पुष्य रात 11:01 तक
  • नक्षत्र: आश्लेषा 2 नवंबर, रात 10:17 तक
सप्तमी सुबह 9:22 तक

तिथि चंद्र दिन है। यह तब पूरी होती है जब चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकल जाता है। यह क्षण हर जगह एक है, इसलिए घड़ी का समय शहर के हिसाब से बदलता है।

आने वाले दिन

पूरा पंचांग देखें
  1. बुधवार4नवंबररमा एकादशी, व्रत।वैष्णव नियम (गौड़ीय नियम: अरुणोदय में दशमी हो तो वह दिन छोड़ दिया जाता है): गुरुवार 5 नवंबरभारत: गुरुवार 5 नवंबर
  2. शुक्रवार6नवंबरधनतेरस, पर्व
  3. शनिवार7नवंबरनरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान); छोटी दिवाली, पर्व।भारत: रविवार 8 नवंबर
  4. रविवार8नवंबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा); काली पूजा, पर्व
  5. सोमवार9नवंबरगोवर्धन पूजा; बेसतुं वरस, पर्व।भारत: मंगलवार 10 नवंबर

रविवार की प्रार्थना

आदित्यहृदयम्

रीति अलग-अलग है; हर दिन की प्रार्थना आप बदल सकते हैं।

आज का श्लोक

भोक्तारं यज्ञतपसां सर्वलोकमहेश्वरम् ।सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ॥

कृष्ण अध्याय पूरा करते हैं। वे कहते हैं कि जो उन्हें सब यज्ञों और तपों का भोक्ता, सब लोकों का महान ईश्वर और सब प्राणियों का सुहृद (मित्र) जान लेता है, वह शांति पाता है।

भगवद्गीता 5.29। भावार्थ।

इस पृष्ठ के शब्द

पक्ष: शुक्ल और कृष्ण
चंद्र मास का आधा भाग। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है, कृष्ण पक्ष में घटता है।
तिथि
चंद्र दिवस: वह समय जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12 अंश आगे निकलता है। चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं।
नक्षत्र
चंद्रमा के मार्ग पर आकाश के 27 बराबर भागों में से एक, हर भाग 13°20′ का, किसी तारा-समूह के नाम पर।
संवत: विक्रम और शक
वर्षों की गिनती। विक्रम संवत ईसवी सन से 56 या 57 वर्ष आगे है, और शक संवत 78 या 79 वर्ष पीछे।
अभिजित मुहूर्त
दिन के 15 मुहूर्तों में आठवाँ, जो स्थानीय दोपहर के आसपास आता है। कई पंचांग बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं मानते।
राहु काल
दिन के आठ बराबर भागों में से एक, जो वार से तय होता है।

पंचांग के सभी शब्द

लेस्टर का आज का पंचांग (Aaj ka Panchang)। सभी समय स्थानीय हैं (ब्रिटेन का समय)। इसी शहर के लिए गणना।

आज: सोमवार, 2 नवंबर 2026

तिथि
कृष्ण अष्टमी (समाप्त सुबह 7:41), फिर नवमी (समाप्त सुबह 6:25, अगले दिन), फिर दशमी (समाप्त सुबह 5:33, 2 दिन बाद)
कृष्ण नवमी क्षय है: यह किसी सूर्योदय को नहीं छूती (सुबह 7:41 से सुबह 6:25, 3 नवंबर तक)।
नक्षत्र
आश्लेषा (समाप्त रात 10:17), फिर मघा (समाप्त रात 9:57, अगले दिन) इस नक्षत्र के नाम-अक्षर
योग
शुक्ल (समाप्त सुबह 4:25, अगले दिन), फिर ब्रह्म (समाप्त रात 2:31, 2 दिन बाद)
करण
कौलव (समाप्त सुबह 7:41), फिर तैतिल (समाप्त शाम 6:59), फिर गरज (समाप्त सुबह 6:25, अगले दिन), फिर वणिज (समाप्त शाम 5:56, अगले दिन)
वार
सोमवार
मास
आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
तमिल मास
ऐप्पसि 17 (सौर मास)
संवत
विक्रम संवत 2083 (चैत्रादि) · विक्रम संवत (कार्तिकादि, गुजराती) 2082 · शक संवत 1948
सूर्योदय
सुबह 7:02
सूर्यास्त
शाम 4:32
चंद्रोदय
रात 12:00, अगले दिन
चंद्रास्त
दोपहर 2:04
राहु काल
सुबह 8:14 – सुबह 9:25
यमगण्ड
सुबह 10:36 – सुबह 11:47
गुलिक काल
दोपहर 12:58 – दोपहर 2:10
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:06
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:07 – सुबह 6:05

लेस्टर में अगले 7 दिन

तारीख़ तिथि नक्षत्र सूर्योदय सूर्यास्त
सोमवार, 2 नवंबर कृष्ण · अष्टमी
समाप्त सुबह 7:41
नवमी किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय)
आश्लेषा
समाप्त रात 10:17
सुबह 7:02 शाम 4:32
मंगलवार, 3 नवंबर कृष्ण · दशमी
समाप्त सुबह 5:33, अगले दिन
मघा
समाप्त रात 9:57
सुबह 7:04 शाम 4:30
बुधवार, 4 नवंबर कृष्ण · एकादशी
समाप्त सुबह 5:06, अगले दिन
पूर्व फाल्गुनी
समाप्त रात 10:00
सुबह 7:06 शाम 4:28
गुरुवार, 5 नवंबर कृष्ण · द्वादशी
समाप्त सुबह 5:01, अगले दिन
उत्तर फाल्गुनी
समाप्त रात 10:26
सुबह 7:08 शाम 4:27
शुक्रवार, 6 नवंबर कृष्ण · त्रयोदशी
समाप्त सुबह 5:18, अगले दिन
हस्त
समाप्त रात 11:14
सुबह 7:10 शाम 4:25
शनिवार, 7 नवंबर कृष्ण · चतुर्दशी
समाप्त सुबह 5:58, अगले दिन
चित्रा
समाप्त रात 12:23, अगले दिन
सुबह 7:12 शाम 4:23
रविवार, 8 नवंबर कृष्ण · अमावस्या
समाप्त सुबह 7:02, अगले दिन
स्वाती
समाप्त रात 1:54, अगले दिन
सुबह 7:13 शाम 4:21

लेस्टर में आने वाले त्योहार

पर्वलेस्टर में तारीख़यह भी
धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर
कृष्ण त्रयोदशी सुबह 5:01, 6 नवंबर से सुबह 5:18, 7 नवंबर तक; प्रदोष काल शाम 4:27 से शाम 7:23, 5 नवंबर तक; प्रदोष काल शाम 4:25 से शाम 7:22, 6 नवंबर तक
–
नरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान) शनिवार, 7 नवंबर
करीबी फ़ैसला
कृष्ण चतुर्दशी सुबह 5:18, 7 नवंबर से सुबह 5:58, 8 नवंबर तक; भोर से पहले का चंद्रोदय सुबह 5:20, 7 नवंबर
भारत (नई दिल्ली) में: रविवार, 8 नवंबर
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) रविवार, 8 नवंबर
लक्ष्मी पूजा शाम 4:21 – शाम 7:20
अमावस्या आरंभ सुबह 5:58, 8 नवंबर; अमावस्या समाप्त सुबह 7:02, 9 नवंबर; सूर्यास्त शाम 4:21, 8 नवंबर
–
काली पूजा (बंगाली परंपरा) रविवार, 8 नवंबर
अमावस्या सुबह 5:58, 8 नवंबर से सुबह 7:02, 9 नवंबर तक; निशीथ काल 7 नवंबर की रात 11:19 से 12:18 तक; निशीथ काल 8 नवंबर की रात 11:19 से 12:18 तक
–
गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर
शुक्ल प्रतिपदा सुबह 7:02, 9 नवंबर से सुबह 8:30, 10 नवंबर तक; सूर्योदय सुबह 7:15, 9 नवंबर
भारत (नई दिल्ली) में: मंगलवार, 10 नवंबर

लेस्टर में अगली एकादशी तिथियाँ

व्रत का दिन कैसे चुना जाता है · 2026 की सभी एकादशी तिथियाँ

लेस्टर के लिए गणना, सोमवार, 2 नवंबर 2026

लेस्टर · 52.64° उत्तर, 1.14° पश्चिम · ब्रिटेन का समय

नियम: पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण वही हैं जो सूर्योदय पर प्रभावी हों, उनके समाप्ति-समय के साथ। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है (मानक वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ)।

आपके स्थान के लिए गणना: NASA JPL की DE440 सारणियों और Astronomy Engine सॉफ़्टवेयर (MIT लाइसेंस) से, लाहिरी अयनांश के साथ। समय छपे पंचांगों से एक-दो मिनट अलग हो सकता है। व्रत और पूजा के समय के लिए अपने परिवार या मंदिर की परंपरा मानें।

हम गणना कैसे करते हैं

परिवारों के प्रश्न

राहु काल क्या है?

राहु काल पंचांग का एक हिस्सा है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला जाता है। बहुत से परिवार इस समय नया काम शुरू नहीं करते। यह भविष्यवाणी नहीं है, और यह साइट कोई भविष्यवाणी नहीं करती। लेस्टर में आज: सुबह 8:14 – सुबह 9:25।

दूसरे शहर में समय अलग क्यों होते हैं?

तिथि या नक्षत्र पूरी दुनिया के लिए एक ही क्षण में बदलता है, पर हर शहर उस क्षण को अपनी घड़ी के समय पर देखता है, और सूर्योदय-सूर्यास्त भी शहर-शहर में अलग होते हैं। इस पृष्ठ का हर समय लेस्टर के लिए है, स्थानीय समय (ब्रिटेन का समय) में।

यह पृष्ठ कौन-सा पंचांग नियम मानता है?

पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण वही हैं जो सूर्योदय पर प्रभावी हों, उनके समाप्ति-समय के साथ। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है (मानक वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ)। हम पंचांग कैसे निकालते हैं

लेस्टर के पास हिंदू मंदिर

अभी हमारी मंदिर-सूची में केवल अमेरिका के मंदिर हैं। दूसरे देशों के मंदिर अभी सूची में नहीं हैं।

अमेरिका के हिंदू मंदिर, राज्य के अनुसार

अन्य शहर

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