सनीवेल। शहर बदलें

आज का पंचांग: सोमवार, 2 नवंबर, सनीवेल

कार्तिक कृष्ण नवमी (पूर्णिमांत), विक्रम संवत 2083 (गुजराती कार्तिकादि: 2082)

कृष्ण नवमी रात 10:25 तक। सूर्योदय सुबह 6:34, सूर्यास्त शाम 5:08। राहु काल सुबह 7:53–9:12।

सूर्योदय सुबह 6:33, सूर्यास्त शाम 5:09। राहु काल दोपहर 3:50–शाम 5:09। पूरा दिन

सनीवेल में आज का दिन

कृष्ण अष्टमी रात 11:41 तक, फिर नवमी

  • सूर्योदय: सुबह 6:33
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:30 से दोपहर 12:12 तक
  • राहु काल: दोपहर 3:50 से शाम 5:09 तक
  • सूर्यास्त: शाम 5:09
  • प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद): शाम 5:09 से 7:50 तक
  • अष्टमी समाप्त: रात 11:41, फिर नवमी
  • अगला सूर्योदय: सुबह 6:34, अगले दिन
  • नक्षत्र: पुष्य दोपहर 3:01 तक
  • नक्षत्र: आश्लेषा 2 नवंबर, दोपहर 2:17 तक
अष्टमी रात 11:41 तक

तिथि चंद्र दिन है। यह तब पूरी होती है जब चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकल जाता है। यह क्षण हर जगह एक है, इसलिए घड़ी का समय शहर के हिसाब से बदलता है।

आने वाले दिन

पूरा पंचांग देखें
  1. बुधवार4नवंबररमा एकादशी, व्रत।भारत: गुरुवार 5 नवंबर
  2. शुक्रवार6नवंबरधनतेरस, पर्व
  3. शनिवार7नवंबरनरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान); छोटी दिवाली; काली पूजा, पर्व।भारत: रविवार 8 नवंबर
  4. रविवार8नवंबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा), पर्व
  5. सोमवार9नवंबरगोवर्धन पूजा; बेसतुं वरस, पर्व।भारत: मंगलवार 10 नवंबर

रविवार की प्रार्थना

आदित्यहृदयम्

रीति अलग-अलग है; हर दिन की प्रार्थना आप बदल सकते हैं।

आज का श्लोक

भोक्तारं यज्ञतपसां सर्वलोकमहेश्वरम् ।सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ॥

कृष्ण अध्याय पूरा करते हैं। वे कहते हैं कि जो उन्हें सब यज्ञों और तपों का भोक्ता, सब लोकों का महान ईश्वर और सब प्राणियों का सुहृद (मित्र) जान लेता है, वह शांति पाता है।

भगवद्गीता 5.29। भावार्थ।

इस पृष्ठ के शब्द

पक्ष: शुक्ल और कृष्ण
चंद्र मास का आधा भाग। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है, कृष्ण पक्ष में घटता है।
तिथि
चंद्र दिवस: वह समय जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12 अंश आगे निकलता है। चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं।
नक्षत्र
चंद्रमा के मार्ग पर आकाश के 27 बराबर भागों में से एक, हर भाग 13°20′ का, किसी तारा-समूह के नाम पर।
संवत: विक्रम और शक
वर्षों की गिनती। विक्रम संवत ईसवी सन से 56 या 57 वर्ष आगे है, और शक संवत 78 या 79 वर्ष पीछे।
अभिजित मुहूर्त
दिन के 15 मुहूर्तों में आठवाँ, जो स्थानीय दोपहर के आसपास आता है। कई पंचांग बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं मानते।
राहु काल
दिन के आठ बराबर भागों में से एक, जो वार से तय होता है।

पंचांग के सभी शब्द

सनीवेल का आज का पंचांग (Aaj ka Panchang)। सभी समय स्थानीय हैं (उत्तरी अमेरिकी प्रशांत समय)। इसी शहर के लिए गणना।

आज: सोमवार, 2 नवंबर 2026

तिथि
कृष्ण नवमी (समाप्त रात 10:25), फिर दशमी (समाप्त रात 9:33, अगले दिन)
नक्षत्र
आश्लेषा (समाप्त दोपहर 2:17), फिर मघा (समाप्त दोपहर 1:57, अगले दिन) इस नक्षत्र के नाम-अक्षर
योग
शुक्ल (समाप्त रात 8:25), फिर ब्रह्म (समाप्त शाम 6:31, अगले दिन)
करण
तैतिल (समाप्त सुबह 10:59), फिर गरज (समाप्त रात 10:25), फिर वणिज (समाप्त सुबह 9:56, अगले दिन)
वार
सोमवार
मास
आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
तमिल मास
ऐप्पसि 17 (सौर मास)
संवत
विक्रम संवत 2083 (चैत्रादि) · विक्रम संवत (कार्तिकादि, गुजराती) 2082 · शक संवत 1948
सूर्योदय
सुबह 6:34
सूर्यास्त
शाम 5:08
चंद्रोदय
रात 12:57, अगले दिन
चंद्रास्त
दोपहर 1:42
राहु काल
सुबह 7:53 – सुबह 9:12
यमगण्ड
सुबह 10:32 – सुबह 11:51
गुलिक काल
दोपहर 1:10 – दोपहर 2:30
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:12
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:46 – सुबह 5:40

सनीवेल में अगले 7 दिन

तारीख़ तिथि नक्षत्र सूर्योदय सूर्यास्त
सोमवार, 2 नवंबर कृष्ण · नवमी
समाप्त रात 10:25
आश्लेषा
समाप्त दोपहर 2:17
सुबह 6:34 शाम 5:08
मंगलवार, 3 नवंबर कृष्ण · दशमी
समाप्त रात 9:33
मघा
समाप्त दोपहर 1:57
सुबह 6:35 शाम 5:07
बुधवार, 4 नवंबर कृष्ण · एकादशी
समाप्त रात 9:06
पूर्व फाल्गुनी
समाप्त दोपहर 2:00
सुबह 6:36 शाम 5:06
गुरुवार, 5 नवंबर कृष्ण · द्वादशी
समाप्त रात 9:01
उत्तर फाल्गुनी
समाप्त दोपहर 2:26
सुबह 6:37 शाम 5:05
शुक्रवार, 6 नवंबर कृष्ण · त्रयोदशी
समाप्त रात 9:18
हस्त
समाप्त दोपहर 3:14
सुबह 6:38 शाम 5:04
शनिवार, 7 नवंबर कृष्ण · चतुर्दशी
समाप्त रात 9:58
चित्रा
समाप्त शाम 4:23
सुबह 6:39 शाम 5:03
रविवार, 8 नवंबर कृष्ण · अमावस्या
समाप्त रात 11:02
स्वाती
समाप्त शाम 5:54
सुबह 6:40 शाम 5:03

सनीवेल में आने वाले त्योहार

पर्वसनीवेल में तारीख़यह भी
धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर
कृष्ण त्रयोदशी रात 9:01, 5 नवंबर से रात 9:18, 6 नवंबर तक; प्रदोष काल शाम 5:05 से शाम 7:48, 5 नवंबर तक; प्रदोष काल शाम 5:04 से शाम 7:47, 6 नवंबर तक
–
नरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान) शनिवार, 7 नवंबर
कृष्ण चतुर्दशी रात 9:18, 6 नवंबर से रात 9:58, 7 नवंबर तक; भोर से पहले का चंद्रोदय सुबह 5:15, 7 नवंबर
भारत (नई दिल्ली) में: रविवार, 8 नवंबर
काली पूजा (बंगाली परंपरा) शनिवार, 7 नवंबर
अमावस्या रात 9:58, 7 नवंबर से रात 11:02, 8 नवंबर तक; निशीथ काल 7 नवंबर की रात 11:24 से 12:19 तक; निशीथ काल 8 नवंबर की रात 11:24 से 12:19 तक
भारत (नई दिल्ली) में: रविवार, 8 नवंबर
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) रविवार, 8 नवंबर
लक्ष्मी पूजा शाम 5:03 – शाम 7:46
अमावस्या आरंभ रात 9:58, 7 नवंबर; अमावस्या समाप्त रात 11:02, 8 नवंबर; सूर्यास्त शाम 5:03, 8 नवंबर
–
गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर
शुक्ल प्रतिपदा रात 11:02, 8 नवंबर से 9 नवंबर की रात 12:30 तक; सूर्योदय सुबह 6:41, 9 नवंबर
भारत (नई दिल्ली) में: मंगलवार, 10 नवंबर

सनीवेल में अगली एकादशी तिथियाँ

व्रत का दिन कैसे चुना जाता है · 2026 की सभी एकादशी तिथियाँ

सनीवेल के लिए गणना, सोमवार, 2 नवंबर 2026

सनीवेल · 37.37° उत्तर, 122.04° पश्चिम · उत्तरी अमेरिकी प्रशांत समय

नियम: पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण वही हैं जो सूर्योदय पर प्रभावी हों, उनके समाप्ति-समय के साथ। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है (मानक वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ)।

आपके स्थान के लिए गणना: NASA JPL की DE440 सारणियों और Astronomy Engine सॉफ़्टवेयर (MIT लाइसेंस) से, लाहिरी अयनांश के साथ। समय छपे पंचांगों से एक-दो मिनट अलग हो सकता है। व्रत और पूजा के समय के लिए अपने परिवार या मंदिर की परंपरा मानें।

हम गणना कैसे करते हैं

परिवारों के प्रश्न

राहु काल क्या है?

राहु काल पंचांग का एक हिस्सा है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला जाता है। बहुत से परिवार इस समय नया काम शुरू नहीं करते। यह भविष्यवाणी नहीं है, और यह साइट कोई भविष्यवाणी नहीं करती। सनीवेल में आज: सुबह 7:53 – सुबह 9:12।

दूसरे शहर में समय अलग क्यों होते हैं?

तिथि या नक्षत्र पूरी दुनिया के लिए एक ही क्षण में बदलता है, पर हर शहर उस क्षण को अपनी घड़ी के समय पर देखता है, और सूर्योदय-सूर्यास्त भी शहर-शहर में अलग होते हैं। इस पृष्ठ का हर समय सनीवेल के लिए है, स्थानीय समय (उत्तरी अमेरिकी प्रशांत समय) में।

यह पृष्ठ कौन-सा पंचांग नियम मानता है?

पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण वही हैं जो सूर्योदय पर प्रभावी हों, उनके समाप्ति-समय के साथ। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है (मानक वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ)। हम पंचांग कैसे निकालते हैं

सनीवेल के पास हिंदू मंदिर

अमेरिका के हिंदू मंदिर, राज्य के अनुसार

अन्य शहर

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