लिंगाष्टकम् (अर्थ सहित)
रचयिता अज्ञात (पारंपरिक)
लिंगाष्टकम् (Lingashtakam): लिंगाष्टकम् ("लिंग पर आठ श्लोक") शिवलिंग की स्तुति का संस्कृत स्तोत्र है। शिवलिंग वह चिह्न और प्रतीक है जिसके रूप में मंदिरों और घरों में शिव की पूजा होती है। इसके आठों श्लोकों में से हर एक में लिंग की तीन विशेषताएँ बताई गई हैं, और हर श्लोक एक ही टेक पर समाप्त होता है: "तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम्", यानी सदाशिव के उस लिंग को प्रणाम। नौवाँ श्लोक बताता है कि पाठ करने वाले को क्या मिलता है। बहुत से परिवार इसे सोमवार को, सावन के महीने में और महाशिवरात्रि पर पढ़ते हैं, अक्सर लिंग पर जल या फूल चढ़ाते समय।
पाठ और अर्थ, पंक्ति-दर-पंक्ति
श्लोक 1
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिंगं निर्मलभासितशोभितलिंगम् ।जन्मजदुःखविनाशकलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥ १ ॥
Brahmamurarisurarchitalingam nirmalabhasitashobhitalingamJanmajaduhkhavinashakalingam tatpranamami sadashivalingam
IAST
brahmamurārisurārcitaliṃgaṃ nirmalabhāsitaśobhitaliṃgam |janmajaduḥkhavināśakaliṃgaṃ tatpraṇamāmi sadāśivaliṃgam || 1 ||
भावार्थ स्तोत्र उस लिंग की स्तुति करता है जिसकी पूजा ब्रह्मा, विष्णु (मुरारि) और देवता करते हैं, जो निर्मल प्रकाश से चमकता है और सुंदर है। पाठ कहता है कि वह जन्म से होने वाले दुख का नाश करता है। टेक में सदाशिव के उस लिंग को प्रणाम किया गया है। पुरानी छपाइयों में "निर्मलभासित" की जगह "निर्मलभाषित" है, यानी "निर्मल वचनों से स्तुत"।
English meaning The hymn praises the linga that Brahma, Vishnu (Murari) and the gods worship, the linga that shines with a spotless light and is beautiful. The hymn says that it destroys the sorrow that comes with birth. The refrain bows to that linga of Sadashiva, the ever-auspicious one. The old printings read "nirmala-bhāṣita", "praised in pure words", in place of "nirmala-bhāsita".
फल की यह बात पाठ की अपनी है; पूजादीप इसका कोई वादा नहीं करता।
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिंगम् brahmamurārisurārcitaliṃgam · ब्रह्मा, विष्णु और देवों से पूजित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: brahman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 738, स्तंभ 1; murāri, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 823, स्तंभ 2; sura, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1234, स्तंभ 2
a god
; arcita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 90, स्तंभ 1; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - निर्मलभासितशोभितलिंगम् nirmalabhāsitaśobhitaliṃgam · निर्मल प्रकाश से चमकता, शोभित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: nir-mala, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 541, स्तंभ 3
spotless
; 1. bhās, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 756, स्तंभ 1to make shine, illuminate
; śobhita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1092, स्तंभ 2splendid, beautiful
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - जन्मजदुःखविनाशकलिंगम् janmajaduḥkhavināśakaliṃgam · जन्म से होने वाले दुख का नाश करने वाला लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: janman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 411, स्तंभ 3
birth
; 2. ja, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 407, स्तंभ 3; 1. duḥkha, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 483, स्तंभ 2; vi-nāśaka, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 969, स्तंभ 3; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत् tat · उस (सर्वनाम, नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
- प्रणमामि praṇamāmi · प्रणाम करता हूँ (क्रिया, वर्तमान (लट्), उत्तम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3
to bend or bow down before
- सदाशिवलिंगम् sadāśivaliṃgam · सदाशिव का लिंग (समास, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: sadā-śiva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1139, स्तंभ 3
N. of Śiva
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3
3 छपाइयों में पाठभेद
संस्करणों के अंतर। कोई दूसरा मुद्रण या पाठ इस स्थान को अलग ढंग से पढ़ता है।
- छपे संस्करण में पाठ है: ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिंगं निर्मलभाषितशोभितलिंगम् ।
जन्मजदुःखविनाशकलिंगं तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ॥ १ ॥ - शब्द 1899 के बंबई मुद्रण में पाठ है: निर्मलभाषितशोभितलिंगम् आधार छपाई में भाषित ('बोला गया') है, और 1912 (स्कैन पन्ना n126) तथा 1905 (स्कैन पन्ना n75) की छपाइयों में भी। दिखाया गया पाठ आज के प्रचलित पाठ भासित ('चमकता हुआ') के अनुसार है।
- श्लोक-विभाजन 1905 के बंबई मुद्रण में पाठ है: तत्प्रणमामि सदा शिवलिंगम् सदा और शिवलिंगम् दो अलग शब्दों में छपे हैं (स्कैन पन्ना n75)।
श्लोक 2
देवमुनिप्रवरार्चितलिंगं कामदहं करुणाकरलिंगम् ।रावणदर्पविनाशनलिंगं तत्प्रण॰ ॥ २ ॥
Devamunipravararchitalingam kamadaham karunakaralingamRavanadarpavinashanalingam tatprana…
IAST
devamunipravarārcitaliṃgaṃ kāmadahaṃ karuṇākaraliṃgam |rāvaṇadarpavināśanaliṃgaṃ tatpraṇa° || 2 ||
भावार्थ देवता और श्रेष्ठ मुनि इस लिंग की पूजा करते हैं। यह कामदेव को भस्म करने वाला और करुणा का भंडार है। इसने रावण के घमंड को तोड़ा। "तत्प्रण॰" संकेत पूरी टेक के लिए है, यानी सदाशिव के उस लिंग को प्रणाम।
English meaning The linga is worshipped by the gods and the best of sages. It is the one that burned Kama, the god of desire, and it is a treasury of compassion. It humbled the pride of Ravana. The cue "tatpraṇa°" stands for the refrain, a bow to that linga of Sadashiva.
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- देवमुनिप्रवरार्चितलिंगम् devamunipravarārcitaliṃgam · देवों और श्रेष्ठ मुनियों से पूजित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: deva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 492, स्तंभ 2; muni, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 823, स्तंभ 1
a saint
; 1. pra-vara, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 690, स्तंभ 3; arcita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 90, स्तंभ 1; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - कामदहम् kāmadaham · कामदेव को भस्म करने वाला (समास, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: kāma, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 271, स्तंभ 3
N. of the god of love
; 1. dah, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 473, स्तंभ 2to burn, consume by fire, scorch
- करुणाकरलिंगम् karuṇākaraliṃgam · करुणा के भंडार लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: karuṇa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 255, स्तंभ 3
pity, compassion
; ā-kara, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 127, स्तंभ 3a mine
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - रावणदर्पविनाशनलिंगम् rāvaṇadarpavināśanaliṃgam · रावण का घमंड तोड़ने वाला लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: rāvaṇa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 879, स्तंभ 1; darpa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 470, स्तंभ 2
pride, arrogance
; vi-nāśana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 969, स्तंभ 3causing to disappear, removal
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्रण॰ tatpraṇa° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
श्लोक 3
सर्वसुगंधिसुलेपितलिंगं बुद्धिविवर्धनकारणलिंगम् ।सिद्धसुरासुरवंदितलिंगं तत्प्र॰ ॥ ३ ॥
Sarvasugandhisulepitalingam buddhivivardhanakaranalingamSiddhasurasuravanditalingam tatpra…
IAST
sarvasugaṃdhisulepitaliṃgaṃ buddhivivardhanakāraṇaliṃgam |siddhasurāsuravaṃditaliṃgaṃ tatpra° || 3 ||
भावार्थ इस लिंग पर हर प्रकार के सुगंधित लेप लगाए जाते हैं। पाठ कहता है कि यह बुद्धि बढ़ाने का कारण है। सिद्ध, देवता और असुर सभी इसकी वंदना करते हैं। फिर टेक आती है।
English meaning The linga is anointed with every kind of fragrant paste. The hymn says that it causes understanding to grow. Siddhas (perfected beings), gods and asuras all honour it. Then the refrain follows.
फल की यह बात पाठ की अपनी है; पूजादीप इसका कोई वादा नहीं करता।
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- सर्वसुगंधिसुलेपितलिंगम् sarvasugaṃdhisulepitaliṃgam · हर सुगंध से भली-भाँति लिप्त लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: sarva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1184, स्तंभ 3; su-gandhi, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1222, स्तंभ 2; 5. su, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1219, स्तंभ 3
good
; lip, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 902, स्तंभ 2; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - बुद्धिविवर्धनकारणलिंगम् buddhivivardhanakāraṇaliṃgam · बुद्धि बढ़ने का कारण लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: buddhi, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 733, स्तंभ 3
intelligence, reason
; 2. vi-vardhana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 989, स्तंभ 1growth, increase, prosperity
; 1. kāraṇa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 274, स्तंभ 2cause, reason
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - सिद्धसुरासुरवंदितलिंगम् siddhasurāsuravaṃditaliṃgam · सिद्धों, देवों और असुरों से वंदित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: 2. siddha, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1215, स्तंभ 1; surāsura, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1235, स्तंभ 1
gods and Asuras
; vandita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 919, स्तंभ 2praised, extolled, celebrated
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्र॰ tatpra° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
1 छपाई में पाठभेद
संस्करणों के अंतर। कोई दूसरा मुद्रण या पाठ इस स्थान को अलग ढंग से पढ़ता है।
- वर्तनी 1905 के बंबई मुद्रण में पाठ है: बुद्धिविवर्द्धनकारणलिंगम् विवर्द्धन, दोहरे द के साथ (स्कैन पन्ना n75)।
श्लोक 4
कनकमहामणिभूषितलिंगं फणिपतिवेष्टितशोभितलिंगम् ।दक्षसुयज्ञविनाशनलिंगं तत्प्र॰ ॥ ४ ॥
Kanakamahamanibhushitalingam phanipativeshtitashobhitalingamDakshasuyajnavinashanalingam tatpra…
IAST
kanakamahāmaṇibhūṣitaliṃgaṃ phaṇipativeṣṭitaśobhitaliṃgam |dakṣasuyajñavināśanaliṃgaṃ tatpra° || 4 ||
भावार्थ यह लिंग सोने और बड़े रत्नों से सजा है, और इसके चारों ओर लिपटे नागराज से शोभित है। इसने दक्ष के बड़े यज्ञ का नाश किया। फिर टेक आती है।
English meaning The linga is adorned with gold and great jewels, and it shines with the king of snakes coiled around it. It ended the great sacrifice of Daksha. Then the refrain follows.
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- कनकमहामणिभूषितलिंगम् kanakamahāmaṇibhūṣitaliṃgam · सोने और बड़े रत्नों से सजा लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: kanaka, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 248, स्तंभ 2
gold
; mahā-maṇi, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 798, स्तंभ 3a costly gem
; bhūṣ, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 764, स्तंभ 2to adorn
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - फणिपतिवेष्टितशोभितलिंगम् phaṇipativeṣṭitaśobhitaliṃgam · नागराज से लिपटा, शोभित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: phaṇi-pati, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 716, स्तंभ 1
N. of Śesha
; veṣṭita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1019, स्तंभ 3enveloped
; śobhita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1092, स्तंभ 2splendid, beautiful
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - दक्षसुयज्ञविनाशनलिंगम् dakṣasuyajñavināśanaliṃgam · दक्ष के बड़े यज्ञ का नाश करने वाला लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: dakṣa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 465, स्तंभ 1; su-yajña, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1231, स्तंभ 3
a good or right sacrifice
; vi-nāśana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 969, स्तंभ 3causing to disappear
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्र॰ tatpra° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
श्लोक 5
कुंकुमचंदनलेपितलिंगं पंकजहारसुशोभितलिंगम् ।संचितपापविनाशनलिंगं तत्प्र॰ ॥ ५ ॥
Kunkumachandanalepitalingam pankajaharasushobhitalingamSanchitapapavinashanalingam tatpra…
IAST
kuṃkumacaṃdanalepitaliṃgaṃ paṃkajahārasuśobhitaliṃgam |saṃcitapāpavināśanaliṃgaṃ tatpra° || 5 ||
भावार्थ इस लिंग पर कुमकुम और चंदन का लेप है, और यह कमल की मालाओं से सुंदर लगता है। पाठ कहता है कि यह संचित पापों का नाश करता है। फिर टेक आती है।
English meaning The linga is smeared with kumkum (red powder) and sandal paste, and it is made beautiful with garlands of lotuses. The hymn says that it destroys the sins a person has gathered. Then the refrain follows.
फल की यह बात पाठ की अपनी है; पूजादीप इसका कोई वादा नहीं करता।
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- कुंकुमचंदनलेपितलिंगम् kuṃkumacaṃdanalepitaliṃgam · कुमकुम और चंदन से लिप्त लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: kuṅkuma, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 287, स्तंभ 3; candana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 386, स्तंभ 2
sandal
; lip, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 902, स्तंभ 2to smear or anoint anything
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - पंकजहारसुशोभितलिंगम् paṃkajahārasuśobhitaliṃgam · कमल की मालाओं से सुशोभित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: paṅka-ja, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 574, स्तंभ 2; 1. hāra, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1289, स्तंभ 2
a garland of pearls, necklace
; su-śobhita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1237, स्तंभ 2shining brightly
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - संचितपापविनाशनलिंगम् saṃcitapāpavināśanaliṃgam · संचित पापों का नाश करने वाला लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: saṃ-cita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1132, स्तंभ 1
piled together
; pāpa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 618, स्तंभ 2sin, vice, crime, guilt
; vi-nāśana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 969, स्तंभ 3causing to disappear
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्र॰ tatpra° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
2 छपाइयों में पाठभेद
संस्करणों के अंतर। कोई दूसरा मुद्रण या पाठ इस स्थान को अलग ढंग से पढ़ता है।
- छपे संस्करण में पाठ है: कुंकुमचंदनलेपितलिंगं पंकजहारसुशोभितलिंगम् ।
सञ्चित्पापविनाशनलिंगं तत्प्र॰ ॥ ५ ॥ - वर्तनी 1899 के बंबई मुद्रण में पाठ है: सञ्चित्पापविनाशनलिंगं आधार छपाई में सञ्चित्पाप है (स्कैन पन्ना n128), और 1905 की छपाई में भी (स्कैन पन्ना n75)। 2026 से दिखाया गया पाठ संचितपाप है, जैसा 1912 का संस्करण छापता है (स्कैन पन्ना n126, पन्ने की छवि पर पढ़ा गया) और जैसा आज के दोनों पाठ पढ़ते हैं (सञ्चितपाप)। अर्थ वही है।
श्लोक 6
देवगणार्चितसेवितलिंगं भावैर्भक्तिभिरेव च लिंगम् ।दिनकरकोटिप्रभाकरलिंगं तत्प्र॰ ॥ ६ ॥
Devaganarchitasevitalingam bhavairbhaktibhireva cha lingamDinakarakotiprabhakaralingam tatpra…
IAST
devagaṇārcitasevitaliṃgaṃ bhāvairbhaktibhireva ca liṃgam |dinakarakoṭiprabhākaraliṃgaṃ tatpra° || 6 ||
भावार्थ देवताओं के समूह भाव और भक्ति से इस लिंग की पूजा और सेवा करते हैं। यह करोड़ों सूर्यों के समान प्रकाश वाला है। फिर टेक आती है।
English meaning The hosts of gods worship and serve the linga, with feeling and with devotion. It shines with the light of ten million suns. Then the refrain follows.
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- देवगणार्चितसेवितलिंगम् devagaṇārcitasevitaliṃgam · देवगणों से पूजित और सेवित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: deva-gaṇa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 492, स्तंभ 3
a troop or class of gods
; arcita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 90, स्तंभ 1honoured, worshipped
; sevita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1247, स्तंभ 2dwelt in, visited
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - भावैः bhāvaiḥ · भावों से (तृतीया बहुवचन) शब्दकोश: bhāva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 754, स्तंभ 2
any state of mind or body, way of thinking or feeling
- भक्तिभिः bhaktibhiḥ · भक्ति से (तृतीया बहुवचन) शब्दकोश: bhakti, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 743, स्तंभ 2
attachment, devotion, fondness for, devotion to
- एव eva · ही (अव्यय) शब्दकोश: 1. eva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 232, स्तंभ 2
so, just so, exactly so
- च ca · और (अव्यय) शब्दकोश: 2. ca, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 380, स्तंभ 1
and, both, also, moreover
- लिंगम् liṃgam · लिंग (नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3
a mark, spot, sign, token, badge, emblem
- दिनकरकोटिप्रभाकरलिंगम् dinakarakoṭiprabhākaraliṃgam · करोड़ों सूर्यों जैसा प्रकाशमान लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: dina-kara, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 478, स्तंभ 1
making day or light
; koṭi, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 312, स्तंभ 3; prabhā-kara, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 683, स्तंभ 3‘light-maker,’ the sun
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्र॰ tatpra° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
श्लोक 7
अष्टदलोपरिवेष्टितलिंगं सर्वसमुद्भवकारणलिंगम् ।अष्टदरिद्रविनाशितलिंगं तत्प्र॰ ॥ ७ ॥
Ashtadalopariveshtitalingam sarvasamudbhavakaranalingamAshtadaridravinashitalingam tatpra…
IAST
aṣṭadalopariveṣṭitaliṃgaṃ sarvasamudbhavakāraṇaliṃgam |aṣṭadaridravināśitaliṃgaṃ tatpra° || 7 ||
भावार्थ यह लिंग आठ पंखुड़ियों वाले कमल पर स्थित है और उससे घिरा है। यह सब की उत्पत्ति का कारण है। पाठ कहता है कि यह आठ प्रकार की दरिद्रता का नाश करता है; पाठ में उनके नाम नहीं दिए गए हैं। फिर टेक आती है।
English meaning The linga rests on an eight-petalled lotus and is surrounded by it. It is the cause from which everything comes into being. The hymn says that it destroys the eight kinds of poverty; the text does not list them. Then the refrain follows.
फल की यह बात पाठ की अपनी है; पूजादीप इसका कोई वादा नहीं करता।
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- अष्टदलोपरिवेष्टितलिंगम् aṣṭadalopariveṣṭitaliṃgam · आठ पंखुड़ियों वाले कमल पर स्थित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: aṣṭa-dala, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 116, स्तंभ 2; upari, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 205, स्तंभ 1
above, upon, on, upwards
; veṣṭita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1019, स्तंभ 3enveloped, bound round
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - सर्वसमुद्भवकारणलिंगम् sarvasamudbhavakāraṇaliṃgam · सबकी उत्पत्ति का कारण लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: sarva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1184, स्तंभ 3
whole, entire, all, every
; sam-udbhava, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1168, स्तंभ 2existence, production, origin
; 1. kāraṇa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 274, स्तंभ 2cause, reason
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - अष्टदरिद्रविनाशितलिंगम् aṣṭadaridravināśitaliṃgam · आठ प्रकार की दरिद्रता मिटाने वाला लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: aṣṭan, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 116, स्तंभ 2
pl. eight
; daridra, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 470, स्तंभ 2poor, needy
; vi-nāśita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 969, स्तंभ 3; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्र॰ tatpra° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
2 छपाइयों में पाठभेद
संस्करणों के अंतर। कोई दूसरा मुद्रण या पाठ इस स्थान को अलग ढंग से पढ़ता है।
- श्लोक-विभाजन 1905 के बंबई मुद्रण में पाठ है: अष्टदलोपरि वेष्टितलिंगं दो अलग शब्दों में छपा है (स्कैन पन्ना n74)।
- शब्द sanskritdocuments.org के आज के संस्करण में पाठ है: अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गम् विनाशित की जगह विनाशन ('नष्ट करने वाला'), 2026 में पढ़ा गया; इसी पृष्ठ पर विनाशित दूसरे पाठ के रूप में दिया गया है। गीता प्रेस का पाठ विनाशित छापता है, जैसा हमारी छपाई में है, इसलिए छपाई का पाठ रखा गया है।
श्लोक 8
सुरगुरुसुरवरपूजितलिंगं सुरवनपुष्पसदार्चितलिंगम् ।परात्परं परमात्मकलिंगं तत्प्र॰ ॥ ८ ॥
Suragurusuravarapujitalingam suravanapushpasadarchitalingamParatparam paramatmakalingam tatpra…
IAST
suragurusuravarapūjitaliṃgaṃ suravanapuṣpasadārcitaliṃgam |parātparaṃ paramātmakaliṃgaṃ tatpra° || 8 ||
भावार्थ देवताओं के गुरु बृहस्पति और श्रेष्ठ देवता इस लिंग की पूजा करते हैं, और स्वर्ग के उपवन के फूलों से इसकी सदा पूजा होती है। यह परे से भी परे है और परमात्मा-स्वरूप है। फिर टेक आती है।
English meaning The linga is worshipped by Brihaspati, the teacher of the gods, and by the best of the gods, and it is always worshipped with flowers from the gardens of heaven. It is higher than the highest, and its nature is the supreme Self. Then the refrain follows.
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- सुरगुरुसुरवरपूजितलिंगम् suragurusuravarapūjitaliṃgam · बृहस्पति और श्रेष्ठ देवों से पूजित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: sura-guru, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1234, स्तंभ 2; sura, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1234, स्तंभ 2
a god
; 2. vara, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 922, स्तंभ 1; pūjita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 641, स्तंभ 2; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - सुरवनपुष्पसदार्चितलिंगम् suravanapuṣpasadārcitaliṃgam · स्वर्ग के उपवन के फूलों से सदा पूजित लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: sura, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1234, स्तंभ 2
a god
; 1. vana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 917, स्तंभ 2; puṣpa, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 639, स्तंभ 2; sadā, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1139, स्तंभ 2; arcita, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 90, स्तंभ 1; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - परात्परम् parātparam · परे से भी परे (नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: parāt-para, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 589, स्तंभ 1
superior to the best
- परमात्मकलिंगम् paramātmakaliṃgam · परमात्मा-स्वरूप लिंग (समास, नपुंसकलिंग एकवचन) शब्दकोश: paramātman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 588, स्तंभ 2
the Supreme Spirit
; ātmaka, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 136, स्तंभ 1having or consisting of the nature or character of
; liṅga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 901, स्तंभ 3 - तत्प्र॰ tatpra° · टेक का संक्षेप (टेक का संक्षेप) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1
m. he, f. she, n. it, that, this
; pra-ṇam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 659, स्तंभ 3to bend or bow down before
श्लोक 9
लिंगाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ ९ ॥
Lingashtakamidam punyam yah pathechchhivasannidhauShivalokamavapnoti shivena saha modate
IAST
liṃgāṣṭakamidaṃ puṇyaṃ yaḥ paṭhecchivasannidhau |śivalokamavāpnoti śivena saha modate || 9 ||
भावार्थ यह श्लोक कहता है कि जो इस पवित्र लिंगाष्टक को शिव के समीप पढ़ता है, वह शिवलोक पाता है और शिव के साथ आनंद करता है। यह स्तोत्र का अपना कथन है।
English meaning The hymn says that whoever recites this holy Lingashtakam near Shiva reaches Shiva's world and rejoices with Shiva. This is the hymn's own claim about its recitation.
फल की यह बात पाठ की अपनी है; पूजादीप इसका कोई वादा नहीं करता।
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- लिंगाष्टकम् liṃgāṣṭakam · लिंगाष्टक, लिंग पर आठ श्लोक (नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: liṅgāṣṭaka, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 902, स्तंभ 2
N. of a Stotra
- इदम् idam · यह (सर्वनाम, नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: 1. idam, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 165, स्तंभ 2
this, this here
- पुण्यम् puṇyam · पवित्र, पुण्य देने वाला (नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: puṇya, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 632, स्तंभ 1
good, right, virtuous, meritorious, pure, holy, sacred
- यः yaḥ · जो (संबंधवाचक सर्वनाम, प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: yad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 844, स्तंभ 2
who, which, what, whichever
- पठेत् paṭhet · पाठ करे (क्रिया, विधिलिङ्, प्रथम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: paṭh, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 580, स्तंभ 1
to read or repeat aloud
- शिवसन्निधौ śivasannidhau · शिव के समीप (समास, सप्तमी एकवचन) शब्दकोश: śiva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1074, स्तंभ 1
‘The Auspicious one,’ N. of the disintegrating or destroying and reproducing deity
; saṃ-nidhi, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1146, स्तंभ 3juxtaposition, nearness, vicinity
- शिवलोकम् śivalokam · शिवलोक (समास, द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: śiva-loka, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1075, स्तंभ 2
Śiva's heaven (on Kailāsa)
- अवाप्नोति avāpnoti · पाता है (क्रिया, वर्तमान (लट्), प्रथम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: avāp, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 107, स्तंभ 1
to reach, attain, obtain, gain, get
- शिवेन śivena · शिव के (तृतीया एकवचन) शब्दकोश: śiva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1074, स्तंभ 1
‘The Auspicious one,’ N. of the disintegrating or destroying and reproducing deity
- सह saha · साथ (अव्यय) शब्दकोश: 2. saha, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 1193, स्तंभ 2
together with, along with, with
- मोदते modate · आनंद करता है (क्रिया, वर्तमान (लट्), प्रथम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: 2. mud, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 822, स्तंभ 2
to be merry or glad or happy, rejoice
संस्कृत पाठ: पढ़ने के लिए तैयार पाठ, जो आज के संस्करणों से मिलाया गया है। पुराना प्रमाण: 1899 का बंबई मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत और बदलाव
लिंगाष्टकम् के बारे में
जिन छपाइयों को हमने पढ़ा, उनमें से किसी में इसके रचयिता का नाम नहीं है, इसलिए रचयिता को अज्ञात लिखा गया है। आज के कुछ स्रोत, जैसे विकिपीडिया, इसे आदि शंकराचार्य की रचना बताते हैं; हमने जो पुरानी छपाइयाँ पढ़ीं, वे ऐसा नहीं कहतीं।
यह पाठ बंबई में छपे संस्कृत स्तोत्रों के संग्रह "बृहत्स्तोत्ररत्नाकर" के तीसरे संस्करण (1899) से लिया गया है। उस समय की दूसरी छपाइयों की तरह इसमें भी टेक पूरी केवल पहले श्लोक में छपी है; बाद के श्लोकों में एक छोटा संकेत ("तत्प्रण॰", "तत्प्र॰") है, जिसका अर्थ है पूरी टेक। इसी पुस्तक के 1912 के संस्करण और 1905 की बंबई की एक छपाई से शब्द-शब्द मिलान किया गया; उनके थोड़े-से अंतर हर श्लोक के नीचे दिखाए गए हैं। दो शब्द आज की पुस्तकों में छपे प्रचलित रूप में हैं, जिन्हें आज के दो प्रकाशकों के पाठ से मिलाकर जाँचा गया: पहले श्लोक में "निर्मलभासित" ("निर्मल प्रकाश से चमकता"), जहाँ पुरानी छपाइयों में "निर्मलभाषित" ("निर्मल वचनों से स्तुत") है, और पाँचवें श्लोक में "संचित" ("इकट्ठा किया हुआ"), जैसा 1912 के संस्करण में छपा है, जहाँ 1899 की छपाई में "सञ्चित्" है। दोनों पुराने पाठ अपने श्लोक के नीचे दिखाए गए हैं।
हर श्लोक के नीचे शब्द-शब्द अर्थ दिया गया है: श्लोक का हर शब्द, अंग्रेज़ी और हिंदी में उसका छोटा अर्थ, और मोनियर-विलियम्स के संस्कृत-अंग्रेज़ी कोश (1899) में उसकी प्रविष्टि, पृष्ठ और स्तंभ के साथ, ताकि अर्थ छपी पुस्तक में जाँचा जा सके।
उच्चारण कैसे करें
IAST पंक्ति छपी हुई वर्तनी के अनुसार है। छपाई में व्यंजन से पहले आने वाला अनुनासिक बिंदु (अनुस्वार) से लिखा गया है: "लिंगम्", "सुगंधि", "कुंकुम", "पंकज"; इसे अगले वर्ण के वर्ग के अनुनासिक की तरह बोला जाता है (लिङ्गम्, सुगन्धि, कुङ्कुम, पङ्कज)। दूसरे से आठवें श्लोक के अंत में छपा "तत्प्रण॰" या "तत्प्र॰" पूरी टेक "तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम्" के रूप में बोला जाता है।
वे पर्व और व्रत, जिनकी मार्गदर्शिका में इस प्रार्थना का नाम है
शिव की और प्रार्थनाएँ
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परिवारों के प्रश्न
लिंगाष्टकम् किसने लिखी?
रचयिता अज्ञात (पारंपरिक)।
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संस्कृत पाठ: पढ़ने के लिए तैयार पाठ, जो आज के संस्करणों से मिलाया गया है। पुराना प्रमाण: 1899 का बंबई मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत देखें
स्रोत और लाइसेंस
- साक्षी संस्करण (पाठ के समय का प्रमाण)
- Brihat Stotra Ratnakara (बृहत्स्तोत्ररत्नाकरः), illustrated (सचित्रः), an anthology of 180 Sanskrit hymns; third edition (Nirnaya Sagar Press (Tukaram Javaji), Bombay, 1899). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। केवल यह दिखाने के लिए कि पाठ कितना पुराना है। इस पृष्ठ का देवनागरी पाठ एक पठन-पाठ है, इस मुद्रण से नहीं लिया गया।
- प्रचलित पाठ
- इस पाठ में 1 शब्द आज के प्रचलित रूप में है; इसे गीता प्रेस, गोरखपुर और सत्यशिव प्रेस, वाराणसी के पाठ से मिलाकर जाँचा गया।
- हमारी व्याख्या
- इस साइट के लिए यहाँ दिए स्रोतों के आधार पर लिखी और उद्धृत संस्करण से मिलाई गई व्याख्या। यह अनुवाद नहीं है, और पाठ को पढ़ने का एकमात्र तरीका भी नहीं है। श्रेय देकर आप इसे उद्धृत कर सकते हैं।
- जाँच
- उद्धृत संस्करण से मिलाया गया, 15 अक्टूबर 2026।