भगवद्गीता 11.6: अर्थ और अनुवाद

अध्याय 11: विश्वरूपदर्शनयोग। कृष्ण कहते हैं

श्रीमद्भगवद्गीता (Bhagavad Gita) 11.6: कृष्ण कहते हैं कि अर्जुन आदित्यों, वसुओं, रुद्रों, दोनों अश्विनीकुमारों और मरुतों (वेदों में बताए देवताओं के समूहों) को देखें, और बहुत से ऐसे आश्चर्य भी जो पहले कभी नहीं देखे गए।

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श्रीमद्भगवद्गीता 11.6

पश्यादित्यान्वसून्रुद्रानश्विनौ मरुतस्तथा ।बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्चर्याणि भारत ॥

Pashyadityanvasunrudranashvinau marutastathaBahunyadrishtapurvani pashyashcharyani bharata

paśyādityānvasūnrudrānaśvinau marutastathā |bahūnyadṛṣṭapūrvāṇi paśyāścaryāṇi bhārata ||

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भावार्थ कृष्ण कहते हैं कि अर्जुन आदित्यों, वसुओं, रुद्रों, दोनों अश्विनीकुमारों और मरुतों (वेदों में बताए देवताओं के समूहों) को देखें, और बहुत से ऐसे आश्चर्य भी जो पहले कभी नहीं देखे गए।

English meaning Krishna tells Arjuna to see the Ādityas, the Vasus, the Rudras, the two Aśvins and the Maruts (groups of gods named in the Vedas), and many wonders never seen before.

शब्दार्थ

हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ

शब्दार्थ

  1. पश्य paśya · देखो (आज्ञार्थ (लोट्), मध्यम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: 1. paś, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 611, स्तंभ 2 to see, behold, look at, observe, perceive, notice
  2. आदित्यान् ādityān · आदित्यों को (संज्ञा (पुंलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: 1. āditya, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 137, स्तंभ 2 N. of seven deities of the heavenly sphere
  3. वसून् vasūn · वसुओं को (संज्ञा (पुंलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: 1. vasu, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 930, स्तंभ 3 a partic. class of gods
  4. रुद्रान् rudrān · रुद्रों को (संज्ञा (पुंलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: rudra, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 883, स्तंभ 1 ‘Roarer or Howler,’ N. of the god of tempests
  5. अश्विनौ aśvinau · दोनों अश्विनीकुमारों को (संज्ञा (पुंलिंग), द्वितीया द्विवचन) शब्दकोश: aśvin, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 116, स्तंभ 1 ‘the two charioteers,’ N. of two divinities
  6. मरुतः marutaḥ · मरुतों को (संज्ञा (पुंलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: marut, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 790, स्तंभ 2 the storm-gods
  7. तथा tathā · तथा, वैसे ही (अव्यय) शब्दकोश: tathā, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 433, स्तंभ 3 in that manner, so, thus
  8. बहूनि bahūni · बहुत से (विशेषण (नपुंसकलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: bahu, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 724, स्तंभ 2 much, many, frequent, abundant, numerous
  9. अदृष्टपूर्वाणि adṛṣṭapūrvāṇi · पहले कभी न देखे हुए (समास (नपुंसकलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: a-dṛṣṭa-pūrva, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 18, स्तंभ 3 never seen before
  10. पश्य paśya · देखो (आज्ञार्थ (लोट्), मध्यम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: 1. paś, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 611, स्तंभ 2 to see, behold, look at, observe, perceive, notice
  11. आश्चर्याणि āścaryāṇi · आश्चर्य, अद्भुत दृश्य (संज्ञा (नपुंसकलिंग), द्वितीया बहुवचन) शब्दकोश: 1. āścarya, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 158, स्तंभ 1 a wonder, miracle, marvel, prodigy
  12. भारत bhārata · हे भारत (अर्जुन) (संज्ञा (पुंलिंग), संबोधन एकवचन) शब्दकोश: bhārata, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 753, स्तंभ 1 a descendant of Bharata

पुराने अंग्रेज़ी अनुवाद

Kashinath Trimbak Telang, 1882। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 92।

See the Âdityas, Vasus, Rudras, the two Asvins, and Maruts likewise. And O descendant of Bharata! see wonders, in numbers, unseen before.

अंग्रेज़ी अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 92, स्कैन पन्ना n105)। जैसा छपा है, वैसा ही।
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Kashinath Trimbak Telang, 1882। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 92।

See the Âdityas, Vasus, Rudras, the two Asvins, and Maruts likewise. And O descendant of Bharata! see wonders, in numbers, unseen before.

अंग्रेज़ी अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 92, स्कैन पन्ना n105)। जैसा छपा है, वैसा ही।

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Annie Besant, 1895। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 104।

Behold the Âdityas, the Vasus, the Rudras, the two Ashvins and also the Maruts; behold many marvels never seen ere this, O Bhârata.

अंग्रेज़ी अनुवाद: Annie Besant, The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song (London: Theosophical Publishing Society, 1895); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 104, स्कैन पन्ना n110)। जैसा छपा है, वैसा ही।

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Swami Swarupananda, 1909 (पहली बार 1907 में छपा)। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 214।

Behold the Adityas, the Vasus, the Rudras, the twin Ashvins; and the Winds; behold, O descendant of Bharata, many wonders that were not seen before.

अंग्रेज़ी अनुवाद: Swami Swarupananda, Srimad-Bhagavad-Gita (Mayavati: Prabuddha Bharata Press, 1909; first printed in Prabuddha Bharata, 1907–1909); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 214, स्कैन पन्ना n217)। जैसा छपा है, वैसा ही।

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इस श्लोक का हवाला दें

अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882), पृष्ठ 92। भगवद्गीता 11.6।

अनुवाद: Annie Besant, The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song (London: Theosophical Publishing Society, 1895), पृष्ठ 104। भगवद्गीता 11.6।

अनुवाद: Swami Swarupananda, Srimad-Bhagavad-Gita (Mayavati: Prabuddha Bharata Press, 1909; first printed in Prabuddha Bharata, 1907–1909), पृष्ठ 214। भगवद्गीता 11.6।

हमारी व्याख्या: “भगवद्गीता 11.6: अर्थ और अनुवाद”। पूजादीप। अद्यतन 27 अक्टूबर 2026। https://pujadeep.com/hi/bhagavad-gita/11/6/

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संस्कृत पाठ: 1922 का मद्रास मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत और बदलाव

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गीता 11.6 कौन कहता है?

यह श्लोक कृष्ण कहते हैं, अध्याय 11 (विश्वरूपदर्शनयोग) में।

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संस्कृत पाठ: 1922 का मद्रास मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत देखें

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स्रोत और लाइसेंस

संस्कृत पाठ
The Bhagavad-Gita, or The Lord's Song, with the text in Devanagari and an English translation (Annie Besant, G. A. Natesan & Co., Madras, 1922). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। इन पृष्ठों का संस्कृत पाठ इसी मुद्रण के पृष्ठ-चित्रों से पढ़ा गया है।
अनुवाद
The Bhagavadgîtâ with the Sanatsugâtîya and the Anugîtâ, translated by Kâshinâth Trimbak Telang (The Sacred Books of the East, vol. VIII, ed. F. Max Müller) (Kashinath Trimbak Telang, F. Max Müller, Clarendon Press, Oxford, 1882). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
अनुवाद
The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song, translated by Annie Besant (Annie Besant, Theosophical Publishing Society, London, 1895). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
अनुवाद
Srimad-Bhagavad-Gita, with Sanskrit Text; Paraphrase with Word-by-word Literal Translation; English Rendering and Comments, Index, &c., by the Swami Swarupananda (Himalayan Series, No. XX) (Swami Swarupananda, The Editors and Publishers, Advaita Ashrama, Mayavati, Prabuddha Bharata Press, Mayavati, Almora, Himalayas, 1909). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
प्रचलित पाठ
इस पाठ में 32 शब्द आज के प्रचलित रूप में हैं; इन्हें sanskritdocuments.org; संस्कृत विकिस्रोत; गीता प्रेस, गोरखपुर; ग्रेटिल, गॉटिंगेन और भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट के पाठ से मिलाकर जाँचा गया।
हमारी व्याख्या
इस साइट के लिए यहाँ दिए स्रोतों के आधार पर लिखी और उद्धृत संस्करण से मिलाई गई व्याख्या। यह अनुवाद नहीं है, और पाठ को पढ़ने का एकमात्र तरीका भी नहीं है। श्रेय देकर आप इसे उद्धृत कर सकते हैं।
जाँच
उद्धृत संस्करण से मिलाया गया, 27 अक्टूबर 2026।

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