भगवद्गीता 4.18: अर्थ और अनुवाद

अध्याय 4: ज्ञानकर्मसंन्यासयोग। कृष्ण कहते हैं

श्रीमद्भगवद्गीता (Bhagavad Gita) 4.18: कृष्ण कहते हैं कि जो कर्म में अकर्म और अकर्म में कर्म देखता है, वही मनुष्यों में बुद्धिमान है।

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श्रीमद्भगवद्गीता 4.18

कर्मण्यकर्म यः पश्येदकर्मणि च कर्म यः ।स बुद्धिमान्मनुष्येषु स युक्तः कृत्स्नकर्मकृत् ॥

Karmanyakarma yah pashyedakarmani cha karma yahSa buddhimanmanushyeshu sa yuktah kritsnakarmakrit

karmaṇyakarma yaḥ paśyedakarmaṇi ca karma yaḥ |sa buddhimānmanuṣyeṣu sa yuktaḥ kṛtsnakarmakṛt ||

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भावार्थ कृष्ण कहते हैं कि जो कर्म में अकर्म और अकर्म में कर्म देखता है, वही मनुष्यों में बुद्धिमान है। वह सब कर्म करते हुए भी योग में स्थित (युक्त) रहता है। टीकाकार इस विरोधाभास को अलग-अलग ढंग से समझाते हैं।

English meaning Krishna says that the one who sees inaction in action and action in inaction is wise among people. Such a person is steady in yoga (yukta) while doing all their work. Commentators explain this paradox in different ways.

शब्दार्थ

हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ

शब्दार्थ

  1. कर्मणि karmaṇi · कर्म में (संज्ञा (नपुंसकलिंग), सप्तमी एकवचन) शब्दकोश: karman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 258, स्तंभ 2 act, action, performance, business
  2. अकर्म akarma · अकर्म (संज्ञा (नपुंसकलिंग), द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: a-karman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 2, स्तंभ 1 absence of work
  3. यः yaḥ · जो (सर्वनाम (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: yad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 844, स्तंभ 2 who, which, what, whichever, whatever, that
  4. पश्येत् paśyet · देखे (विधिलिङ्, प्रथम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: 1. paś, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 611, स्तंभ 2 behold, look at, observe, perceive, notice
  5. अकर्मणि akarmaṇi · अकर्म में (संज्ञा (नपुंसकलिंग), सप्तमी एकवचन) शब्दकोश: a-karman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 2, स्तंभ 1 absence of work
  6. च ca · और (अव्यय) शब्दकोश: 2. ca, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 380, स्तंभ 1 and, both, also, moreover, as well as
  7. कर्म karma · कर्म (संज्ञा (नपुंसकलिंग), द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: karman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 258, स्तंभ 2 act, action, performance, business
  8. यः yaḥ · जो (सर्वनाम (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: yad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 844, स्तंभ 2 who, which, what, whichever, whatever, that
  9. सः saḥ · वह (सर्वनाम (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1 m. he, f. she, n. it, that, this
  10. बुद्धिमान् buddhimān · बुद्धिमान (विशेषण (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: buddhi-mat, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 734, स्तंभ 1 endowed with understanding, intelligent, learned, wise
  11. मनुष्येषु manuṣyeṣu · मनुष्यों में (संज्ञा (पुंलिंग), सप्तमी बहुवचन) शब्दकोश: manuṣya, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 784, स्तंभ 3 a man, human being
  12. सः saḥ · वह (सर्वनाम (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: tad, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 434, स्तंभ 1 m. he, f. she, n. it, that, this
  13. युक्तः yuktaḥ · योगयुक्त (भूतकालिक कृदन्त (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: yukta, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 853, स्तंभ 2 yoked or joined or fastened or attached or harnessed
  14. कृत्स्नकर्मकृत् kṛtsnakarmakṛt · सब कर्म करने वाला (समास (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: kṛtsna, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 304, स्तंभ 3 all, whole, entire; karman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 258, स्तंभ 2 act, action, performance, business; 1. kṛt, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 301, स्तंभ 3 making, doing, performing, accomplishing, effecting

पुराने अंग्रेज़ी अनुवाद

Kashinath Trimbak Telang, 1882। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 60।

He is wise among men, he is possessed of devotion, and performs all actions1, who sees inaction in action, and action in inaction.

  1. Devoted though performing all actions. ↩
अंग्रेज़ी अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 60, स्कैन पन्ना n73)। जैसा छपा है, वैसा ही।
3 अनुवादों की तुलना करें

Kashinath Trimbak Telang, 1882। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 60।

He is wise among men, he is possessed of devotion, and performs all actions1, who sees inaction in action, and action in inaction.

  1. Devoted though performing all actions. ↩
अंग्रेज़ी अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 60, स्कैन पन्ना n73)। जैसा छपा है, वैसा ही।

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Annie Besant, 1895। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 52।

He who can see inaction in action, and action in inaction, he is spiritually wise among men, he is harmonious, he hath performed all action.

अंग्रेज़ी अनुवाद: Annie Besant, The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song (London: Theosophical Publishing Society, 1895); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 52, स्कैन पन्ना n58)। जैसा छपा है, वैसा ही।

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Swami Swarupananda, 1909 (पहली बार 1907 में छपा)। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 93।

He who sees inaction in action, and action, in inaction, he is intelligent among men, he is a Yogi and a doer of all action.

अंग्रेज़ी अनुवाद: Swami Swarupananda, Srimad-Bhagavad-Gita (Mayavati: Prabuddha Bharata Press, 1909; first printed in Prabuddha Bharata, 1907–1909); सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। archive.org (पृष्ठ 93, स्कैन पन्ना n101)। जैसा छपा है, वैसा ही।

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इस श्लोक का हवाला दें

अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882), पृष्ठ 60। भगवद्गीता 4.18।

अनुवाद: Annie Besant, The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song (London: Theosophical Publishing Society, 1895), पृष्ठ 52। भगवद्गीता 4.18।

अनुवाद: Swami Swarupananda, Srimad-Bhagavad-Gita (Mayavati: Prabuddha Bharata Press, 1909; first printed in Prabuddha Bharata, 1907–1909), पृष्ठ 93। भगवद्गीता 4.18।

हमारी व्याख्या: “भगवद्गीता 4.18: अर्थ और अनुवाद”। पूजादीप। अद्यतन 27 अक्टूबर 2026। https://pujadeep.com/hi/bhagavad-gita/4/18/

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संस्कृत पाठ: 1922 का मद्रास मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत और बदलाव

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गीता 4.18 कौन कहता है?

यह श्लोक कृष्ण कहते हैं, अध्याय 4 (ज्ञानकर्मसंन्यासयोग) में।

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संस्कृत पाठ: 1922 का मद्रास मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत देखें

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स्रोत और लाइसेंस

संस्कृत पाठ
The Bhagavad-Gita, or The Lord's Song, with the text in Devanagari and an English translation (Annie Besant, G. A. Natesan & Co., Madras, 1922). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। इन पृष्ठों का संस्कृत पाठ इसी मुद्रण के पृष्ठ-चित्रों से पढ़ा गया है।
अनुवाद
The Bhagavadgîtâ with the Sanatsugâtîya and the Anugîtâ, translated by Kâshinâth Trimbak Telang (The Sacred Books of the East, vol. VIII, ed. F. Max Müller) (Kashinath Trimbak Telang, F. Max Müller, Clarendon Press, Oxford, 1882). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
अनुवाद
The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song, translated by Annie Besant (Annie Besant, Theosophical Publishing Society, London, 1895). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
अनुवाद
Srimad-Bhagavad-Gita, with Sanskrit Text; Paraphrase with Word-by-word Literal Translation; English Rendering and Comments, Index, &c., by the Swami Swarupananda (Himalayan Series, No. XX) (Swami Swarupananda, The Editors and Publishers, Advaita Ashrama, Mayavati, Prabuddha Bharata Press, Mayavati, Almora, Himalayas, 1909). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
प्रचलित पाठ
इस पाठ में 32 शब्द आज के प्रचलित रूप में हैं; इन्हें sanskritdocuments.org; संस्कृत विकिस्रोत; गीता प्रेस, गोरखपुर; ग्रेटिल, गॉटिंगेन और भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट के पाठ से मिलाकर जाँचा गया।
हमारी व्याख्या
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जाँच
उद्धृत संस्करण से मिलाया गया, 15 अक्टूबर 2026।
अद्यतन
27 अक्टूबर 2026

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