भगवद्गीता 6.12: अर्थ और अनुवाद
अध्याय 6: ध्यानयोग। कृष्ण कहते हैं
श्रीमद्भगवद्गीता (Bhagavad Gita) 6.12: कृष्ण: उस आसन पर बैठकर, मन को एकाग्र करके, चित्त और इंद्रियों की क्रियाओं को वश में रखकर, वह आत्मा की शुद्धि के लिए योग का अभ्यास करे।
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श्रीमद्भगवद्गीता 6.12
तत्रैकाग्रं मनः कृत्वा यतचित्तेन्द्रियक्रियः ।उपविश्यासने युञ्ज्याद्योगमात्मविशुद्धये ॥
Tatraikagram manah kritva yatachittendriyakriyahUpavishyasane yunjyadyogamatmavishuddhaye
tatraikāgraṃ manaḥ kṛtvā yatacittendriyakriyaḥ |upaviśyāsane yuñjyādyogamātmaviśuddhaye ||
भावार्थ उस आसन पर बैठकर, मन को एकाग्र करके, चित्त और इंद्रियों की क्रियाओं को वश में रखकर, वह आत्मा की शुद्धि के लिए योग का अभ्यास करे।
English meaning Sitting there, making the mind one-pointed and holding the workings of thought and senses in check, he should practise yoga for the purification of the self.
शब्दार्थ
हर शब्द, शब्दकोश के पृष्ठ के साथ
शब्दार्थ
- तत्र tatra · वहाँ (अव्यय) शब्दकोश: tatra, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 433, स्तंभ 2
in that, therein, in that case
- एकाग्रम् ekāgram · एकाग्र (विशेषण (नपुंसकलिंग), द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: ekāgra, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 230, स्तंभ 1
one-pointed, having one point, fixing one's attention upon one point or object, closely attentive
- मनः manaḥ · मन (संज्ञा (नपुंसकलिंग), द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: manas, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 783, स्तंभ 3
mind (in its widest sense as applied to all the mental powers)
- कृत्वा kṛtvā · करके (पूर्वकालिक कृदन्त (करके)) शब्दकोश: 1. kṛ, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 301, स्तंभ 1
to do, make, perform, accomplish, cause, effect
- यतचित्तेन्द्रियक्रियः yatacittendriyakriyaḥ · मन और इंद्रियों की क्रियाएँ वश में रखे (समास (पुंलिंग), प्रथमा एकवचन) शब्दकोश: yata, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 845, स्तंभ 2
restrained, held in, held forth, kept down or limited, subdued, governed, controlled
; citta, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 395, स्तंभ 3the heart, mind
; indriya, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 167, स्तंभ 2faculty of sense, sense, organ of sense
; kriyā, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 320, स्तंभ 3doing, performing, performance
- उपविश्य upaviśya · बैठकर (पूर्वकालिक कृदन्त (करके)) शब्दकोश: upa-viś, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 207, स्तंभ 1
to sit down, take a seat
- आसने āsane · आसन पर (संज्ञा (नपुंसकलिंग), सप्तमी एकवचन) शब्दकोश: 1. āsana, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 159, स्तंभ 3
seat, place, stool
- युञ्ज्यात् yuñjyāt · अभ्यास करे (विधिलिङ्, प्रथम पुरुष एकवचन) शब्दकोश: 1. yuj, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 853, स्तंभ 2
to yoke or join or fasten or harness
- योगम् yogam · योग (संज्ञा (पुंलिंग), द्वितीया एकवचन) शब्दकोश: yoga, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 856, स्तंभ 2
the act of yoking, joining, attaching
- आत्मविशुद्धये ātmaviśuddhaye · आत्मा की शुद्धि के लिए (समास (स्त्रीलिंग), चतुर्थी एकवचन) शब्दकोश: ātman, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 135, स्तंभ 1
the individual soul, self
; vi-śuddhi, मोनियर-विलियम्स 1899, पृ. 991, स्तंभ 2complete purification, purity (also fig.), holiness, virtue
पुराने अंग्रेज़ी अनुवाद
Kashinath Trimbak Telang, 1882। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)।
Telang translates verses 11–12 as one sentence; see 6.11. 6.11 पर पढ़ें
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Kashinath Trimbak Telang, 1882। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)।
Telang translates verses 11–12 as one sentence; see 6.11. 6.11 पर पढ़ें
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Annie Besant, 1895। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 67।
There, having made Manas one-pointed, with thought and the functions of the senses subdued, steady on his seat, he should practise Yoga, for the purification of the self.
यह वाक्य 6.11 से शुरू होता है।
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Swami Swarupananda, 1909 (पहली बार 1907 में छपा)। सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। पृष्ठ 127।
There, seated on that seat, making the mind one-pointed, and subduing the action of the imaging faculty and the senses, let him practise Yoga for the purification of the heart.
यह वाक्य 6.11 से शुरू होता है।
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इस श्लोक का हवाला दें
अनुवाद: K. T. Telang, The Bhagavadgîtâ (The Sacred Books of the East, vol. VIII, Oxford: Clarendon Press, 1882), पृष्ठ 68–69। भगवद्गीता 6.11–12।
अनुवाद: Annie Besant, The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song (London: Theosophical Publishing Society, 1895), पृष्ठ 67। भगवद्गीता 6.12।
अनुवाद: Swami Swarupananda, Srimad-Bhagavad-Gita (Mayavati: Prabuddha Bharata Press, 1909; first printed in Prabuddha Bharata, 1907–1909), पृष्ठ 127। भगवद्गीता 6.12।
हमारी व्याख्या: “भगवद्गीता 6.12: अर्थ और अनुवाद”। पूजादीप। अद्यतन 25 अक्टूबर 2026। https://pujadeep.com/hi/bhagavad-gita/6/12/
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संस्कृत पाठ: 1922 का मद्रास मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत और बदलाव
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गीता 6.12 कौन कहता है?
यह श्लोक कृष्ण कहते हैं, अध्याय 6 (ध्यानयोग) में।
संस्कृत पाठ कहाँ से लिया गया है?
संस्कृत पाठ: 1922 का मद्रास मुद्रण। अर्थ: पूजादीप के लिए लिखे और जाँचे गए। स्रोत देखें
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स्रोत और लाइसेंस
- संस्कृत पाठ
- The Bhagavad-Gita, or The Lord's Song, with the text in Devanagari and an English translation (Annie Besant, G. A. Natesan & Co., Madras, 1922). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। इन पृष्ठों का संस्कृत पाठ इसी मुद्रण के पृष्ठ-चित्रों से पढ़ा गया है।
- अनुवाद
- The Bhagavadgîtâ with the Sanatsugâtîya and the Anugîtâ, translated by Kâshinâth Trimbak Telang (The Sacred Books of the East, vol. VIII, ed. F. Max Müller) (Kashinath Trimbak Telang, F. Max Müller, Clarendon Press, Oxford, 1882). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
- अनुवाद
- The Bhagavad Gîtâ, or The Lord's Song, translated by Annie Besant (Annie Besant, Theosophical Publishing Society, London, 1895). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
- अनुवाद
- Srimad-Bhagavad-Gita, with Sanskrit Text; Paraphrase with Word-by-word Literal Translation; English Rendering and Comments, Index, &c., by the Swami Swarupananda (Himalayan Series, No. XX) (Swami Swarupananda, The Editors and Publishers, Advaita Ashrama, Mayavati, Prabuddha Bharata Press, Mayavati, Almora, Himalayas, 1909). सार्वजनिक डोमेन (कॉपीराइट-मुक्त)। जैसा छपा है, वैसा ही दिखाया गया।
- प्रचलित पाठ
- इस पाठ में 32 शब्द आज के प्रचलित रूप में हैं; इन्हें sanskritdocuments.org; संस्कृत विकिस्रोत; गीता प्रेस, गोरखपुर; ग्रेटिल, गॉटिंगेन और भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट के पाठ से मिलाकर जाँचा गया।
- हमारी व्याख्या
- इस साइट के लिए यहाँ दिए स्रोतों के आधार पर लिखी और उद्धृत संस्करण से मिलाई गई व्याख्या। यह अनुवाद नहीं है, और पाठ को पढ़ने का एकमात्र तरीका भी नहीं है। श्रेय देकर आप इसे उद्धृत कर सकते हैं।
- जाँच
- उद्धृत संस्करण से मिलाया गया, 15 अक्टूबर 2026।
- अद्यतन
- 25 अक्टूबर 2026